उद्यमसिंह नगर : उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र में वन विभाग के कर्मियों और एक बीजेपी नेता के बीच हुए विवाद ने स्थानीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। बीजेपी अनुसूचित जनजाति चकरपुर मंडल के अध्यक्ष तथा ग्राम प्रहरी विपिन राणा पर वन रेंजर समेत तीन कर्मियों द्वारा कथित मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच तेज कर दी गई है।
घटना का विस्तृत विवरण
घटना शुक्रवार को हुई जब विपिन राणा को लकड़ी चोरी से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए वन चौकी बुलाया गया। उनके अनुसार, वन बीट अधिकारी का फोन आने के बाद वह चौकी पहुंचे। वहां बिना किसी पूछताछ के उन पर मारपीट शुरू कर दी गई। इसके बाद उन्हें बूड़ाबाग कुटरा मार्ग से दोपहिया वाहन पर खटीमा रेंज ले जाया गया, जहां फिर से मारपीट की गई। आरोप है कि इस दौरान उनका वीडियो बनाया गया और अन्य लोगों के नाम बताने का दबाव डाला गया।
विपिन राणा का बयान
विपिन राणा ने पुलिस को दी तहरीर में स्पष्ट रूप से कहा, “मुझे एक वन बीट अधिकारी का फोन आया था। उन्होंने मुझे वन चौकी बुलाया। जहां मेरे साथ बिना बातचीत के मारपीट कर दी। फिर जंगल में ले जाकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही एक वीडियो भी बनवाई। मैं ग्राम प्रहरी हूं। ऐसे में मुझे लोगों को लकड़ी के बारे में जानकारी देनी पड़ती है, लेकिन मेरे साथ मारपीट की गई।”
पीड़ित की हालत और अस्पताल भर्ती
मारपीट के बाद विपिन राणा की हालत बिगड़ गई। शनिवार को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस दौरान उन्होंने वन विभाग के कर्मचारियों पर मारपीट, गाली-गलौज, आपराधिक षड्यंत्र और जान से मारने की धमकी के आरोप लगाए।
पुलिस की भूमिका और कार्रवाई
शुरुआत में पुलिस की ओर से कोई तत्काल कार्रवाई न होने पर स्थानीय स्तर पर आक्रोश फैल गया। रविवार को भाजपा कार्यकर्ताओं, जनजाति मोर्चा, किसान मोर्चा, युवा मोर्चा के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने खटीमा कोतवाली का घेराव किया। चकरपुर मंडल के भाजपा अध्यक्ष विक्रम भाट के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कोतवाल विजेंद्र शाह को ज्ञापन सौंपा और तुरंत मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
कोतवाल विजेंद्र शाह ने बताया कि शिकायत के आधार पर खटीमा रेंज के वनक्षेत्राधिकारी हरेंद्र सिंह बिष्ट, वन बीट अधिकारी गंगा राम (गोसीकुआ) और वन बीट अधिकारी सुंदर सिंह (चकरपुर) के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच उप निरीक्षक भुवन गहतोड़ी को सौंपी गई है और जांच जारी है।
घटना के बाद की स्थिति
इस घटना ने खटीमा सहित आसपास के क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। पीड़ित विपिन राणा बीजेपी अनुसूचित जनजाति चकरपुर मंडल के अध्यक्ष होने के साथ-साथ ग्राम प्रहरी के रूप में भी जिम्मेदारी संभालते हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। फिलहाल आरोपियों पर कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना वन विभाग और स्थानीय नागरिकों के बीच समन्वय की अहमियत को भी रेखांकित करती है।












