उत्तराखंड : उत्तराखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाया है। आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में खर्च का ब्योरा जमा न करने वाले कुल 1452 प्रत्याशियों पर तीन साल तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से चमोली और बागेश्वर जिलों के नेताओं के खिलाफ हुई है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार के अनुसार, पिछले वर्ष हुए पंचायत चुनावों के बाद सभी प्रत्याशियों से चुनाव व्यय का विस्तृत ब्योरा मांगा गया था। कई बार नोटिस भेजे जाने और पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद इन 1452 लोगों ने कोई जवाब नहीं दिया। आयोग ने नियमों के अनुसार कार्रवाई करते हुए इन्हें तीन वर्ष के लिए निर्वाचन प्रक्रिया से बाहर कर दिया है।
किन जिलों के नेता प्रभावित
आयोग द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, प्रतिबंधित नेताओं में चमोली जिले के 826 और बागेश्वर जिले के 630 प्रत्याशी शामिल हैं। ये सभी विभिन्न पंचायती पदों—ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत—पर चुनाव लड़ चुके थे। खर्च का ब्योरा न देने वाले इन नेताओं पर अब स्थानीय निकाय चुनावों में भी प्रतिबंध प्रभावी रहेगा।








