रुद्रप्रयाग। : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित नगरासू गुरुद्वारे में निहंग सिखों द्वारा कब्जा बनाए रखने का मामला लगातार बढ़ रहा है। 20 जून से चले आ रहे इस तनावपूर्ण घटनाक्रम में अब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की है। दोनों मुख्यमंत्रियों ने शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया है।
घटना का पूरा विवरण
20 जून शाम को सात-आठ निहंग सिखों ने रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे में डेरा डाला। शुरुआती घंटों में उन्होंने गुरुद्वारे के दो सेवादारों को बंधक बना लिया था, जिससे स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। 21 जून को निहंग सिखों ने दोनों सेवादारों को रिहा कर दिया, लेकिन वे हथियारों के साथ गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर डटे रहे।
21 जून शाम को एक निहंग सिख ने आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि 22 जून को खाने के लिए नीचे उतरे एक अन्य निहंग को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। गुरुद्वारे के आसपास भारी पुलिस बल और आईटीबीपी जवानों की तैनाती की गई है। निहंग सिखों ने छत से पथराव भी किया, जिससे इलाके में तनाव बना हुआ है।
निहंग सिखों की मांगें
निहंग सिखों का कहना है कि वे 16 जून को हेमकुंड साहिब से लौटते समय चमोली जिले के कर्णप्रयाग में स्थानीय व्यापारियों के साथ हुए विवाद के बाद इस कदम पर उतरे हैं। विवाद मारपीट तक बढ़ गया था और दो निहंग सिखों ने तलवार चलाकर कई लोगों को घायल कर दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
नगरासू गुरुद्वारे में बैठे निहंग सिख अब कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार साथियों की रिहाई और स्थानीय लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने दोनों इलाकों में धारा 163 लागू कर दी है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
मुख्यमंत्रियों की बातचीत और अपील
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी से फोन पर चर्चा की। मान ने कहा कि निहंग सिखों की मांगों को प्राथमिकता से सुनना चाहिए और दोनों पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता खुला रखा जाए। उन्होंने उत्तराखंड सरकार को हर संभव मदद का भरोसा भी दिया।
पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “देवभूमि उत्तराखंड सभी को गले लगाता है और सभी धर्मों का सम्मान करता है। हम हेमकुंड साहिब, नानकमत्ता साहिब और रीठा साहिब जैसे पवित्र स्थलों का घर हैं। ये स्थान हमारे सिख गुरुओं ने बनाए थे। सभी धर्मों का सम्मान करना हमारे राज्य की संस्कृति और मूल्यों का अहम हिस्सा है। हम बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई करेंगे।”
वर्तमान स्थिति
वर्तमान में गुरुद्वारे के आसपास सुरक्षा बलों की भारी तैनाती है। स्थानीय प्रशासन और सिख संगठनों के साथ लगातार बातचीत जारी है। अधिकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से मामले का निपटारा किया जाएगा और किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त









