बागेश्वर : उत्तराखंड के बागेश्वर जिले अंतर्गत नगर पंचायत कपकोट के वार्ड संख्या 7 में खीरगंगा नदी के किनारे एक क्षेत्र पंचायत सदस्य का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। शनिवार सुबह की इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सक्रिय कर दिया है।
मृतक की पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि
मृतक की पहचान गडेरा क्षेत्र के वर्तमान क्षेत्र पंचायत सदस्य 48 वर्षीय तारा सिंह कोरंगा के रूप में हुई है। वे सेवानिवृत्त सूबेदार मोहन सिंह कोरंगा के पुत्र और जालेख निवासी थे। तारा सिंह अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। परिवार में उनके वृद्ध माता-पिता, पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा हैं। इनमें से एक बेटी का विवाह हो चुका है। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया है।
जानकारी के अनुसार तारा सिंह कोरंगा खीरगंगा नदी किनारे स्थित अपने आवास में अकेले रहते थे। उनके माता-पिता और पत्नी गांव में निवास करते हैं। इस कारण सुबह-सुबह शव की खोज किसी परिजन द्वारा नहीं बल्कि एक पड़ोसी बच्चे द्वारा हुई।
तीन वर्षीय बालिका ने सबसे पहले देखा शव
घटना का खुलासा तब हुआ जब पड़ोस में रहने वाली करीब तीन वर्षीय बालिका अपने घर के बरामदे में आई। उसकी नजर नदी किनारे पड़े शव पर पड़ी। बच्ची ने तुरंत अपनी मां को इसकी जानकारी दी। मां द्वारा आसपास के लोगों को बताए जाने के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस, फॉरेंसिक और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची
सूचना मिलते ही पुलिस टीम, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और मेडिकल टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने मौके का विस्तृत निरीक्षण किया, आवश्यक साक्ष्य जुटाए और शव को कब्जे में लेकर आगे की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। फिलहाल शव की पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मौके से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने के कारण मामला गंभीर माना जा रहा है।
क्षेत्र में फैली दहशत और प्रशासनिक सक्रियता
नगर पंचायत कपकोट के वार्ड 7 में एक चुने हुए प्रतिनिधि का शव इस तरह मिलने से स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है। खीरगंगा नदी किनारे का इलाका सामान्यतः शांत माना जाता है, इसलिए इस घटना ने लोगों को चौंका दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जांच में सहयोग का आश्वासन दिया।
परिजनों का कहना है कि तारा सिंह कोरंगा अपने क्षेत्र के विकास कार्यों में सक्रिय रहते थे। उनकी अचानक मौत से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गडेरा-जालेख क्षेत्र के लोग शोक में हैं। पुलिस जांच के नतीजे आने तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला जा रहा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस दोनों सतर्क हैं। आगे की जांच में फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इलाके के लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जांच जल्द पूरी हो और सच्चाई सामने आए।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि दूरदराज के क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र कितना जरूरी है। पुलिस ने सभी संबंधित पक्षों से सहयोग की अपील की है।








