देहरादून : देहरादून पुलिस ने महिला एवं बाल अपराधों के प्रति अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए एक बेहद संवेदनशील मामले में तेजी से कार्रवाई की है। थाना प्रेमनगर क्षेत्र के पौंधा-बिधौली मार्ग स्थित एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल के प्रबंधक/प्रधानाचार्य को 15 वर्षीय छात्र के साथ अश्लील हरकतें करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।
बच्चे की चुप्पी ने खोला राज
पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई 2026 को प्रेमनगर निवासी एक पीड़ित पिता ने थाना प्रेमनगर में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनका 15 वर्षीय बेटा उसी स्कूल में पढ़ता है। पिछले कुछ दिनों से बच्चे का व्यवहार अचानक बदल गया था। वह अकेला और गुमसुम रहने लगा था। परिवारवालों के बार-बार पूछने पर बच्चे ने हिम्मत जुटाकर अपनी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि स्कूल के प्रबंधक/प्रिंसिपल उसके साथ बार-बार अश्लील हरकतें और गलत काम कर रहे थे।
मासूम बच्चे के खुलासे के बाद परिवार सदमे में आ गया। पीड़ित पिता ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।
POCSO एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
शिकायत के आधार पर थाना प्रेमनगर में अपराध संख्या 142/26 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ POCSO एक्ट की धारा 5(एफ), 6, 7 और 8 के तहत नामजद मुकदमा दर्ज हुआ। POCSO (Protection of Children from Sexual Offences) एक्ट बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों पर सख्त प्रावधान रखता है और ऐसे मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करता है।
एसएसपी देहरादून ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित कर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। प्रेमनगर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
अभिभावकों और स्कूलों के लिए चेतावनी
यह घटना स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चेतावनी है। देहरादून समेत उत्तराखंड के कई इलाकों में अभिभावक अब अपने बच्चों के स्कूल परिवेश पर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस ने सभी स्कूल प्रबंधनों से अपील की है कि वे अपने परिसर में सीसीटीवी, सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल और नियमित काउंसलिंग व्यवस्था सुनिश्चित करें।
बच्चों को भी सिखाया जाना चाहिए कि वे किसी भी प्रकार की गलत छेड़छाड़ या अश्लील व्यवहार की सूचना तुरंत अपने माता-पिता या भरोसेमंद शिक्षक को दें। चुप रहने से समस्या बढ़ती है, जबकि समय पर शिकायत करने से अपराधी को सजा मिलती है।
पुलिस की प्रतिबद्धता
दून पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के खिलाफ किसी भी अपराध पर कोई भी छूट नहीं दी जाएगी। एसएसपी ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाएगी और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है।








